कार्यस्थल पर सेहत की संस्कृति कैसे बनाएँ: 8 व्यावहारिक कदम
वेलनेस प्रोग्राम एक ऐसी सुविधा है जो कंपनी देती है। सेहत की संस्कृति कंपनी के काम करने का तरीका है: सेहतमंद विकल्प रोज़मर्रा का सामान्य हिस्सा होते हैं, उन्हें समर्थन मिलता है और वे हर दिन नज़र आते हैं – वे इंट्रानेट पर छिपी कोई सुविधा भर नहीं होते। यह गाइड बताती है कि सेहत की संस्कृति कैसी होती है, यह क्यों ज़रूरी है और इसे बनाने के आठ व्यावहारिक कदम क्या हैं।
Table of Contents
सेहत की संस्कृति क्या है?
सेहत की संस्कृति वाला कार्यस्थल वह है जहाँ लोगों के काम करने, नेतृत्व करने और साथ समय बिताने के तरीके से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने को बढ़ावा मिलता है। इसे कुछ संकेतों से पहचाना जा सकता है:
- लीडर वेलनेस गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं, सिर्फ़ बजट मंज़ूर नहीं करते।
- ब्रेक लेना, टहलने जाना या समय पर काम से निकलना सामान्य माना जाता है।
- वेलनेस गतिविधियाँ नियमित रूप से होती हैं, साल में सिर्फ़ एक बार नहीं।
- कर्मचारी प्रोग्राम को आकार देने में मदद करते हैं और नए सुझाव देते हैं।
- गतिविधियों में सभी शामिल होते हैं – सिर्फ़ वे लोग नहीं जो पहले से फ़िट हैं।
सेहत की संस्कृति क्यों ज़रूरी है
ज़्यादा सेहतमंद लोग। नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज़ और कुछ तरह के कैंसर सहित कई दीर्घकालिक बीमारियों का जोखिम कम करती है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है। Canadian Medical Association Journal में प्रकाशित एक व्यापक रूप से उद्धृत समीक्षा इन प्रमाणों का सार प्रस्तुत करती है।
ज़्यादा जुड़ाव और कर्मचारियों का लंबे समय तक साथ। जहाँ लोगों को लगता है कि उनका खयाल रखा जाता है, वहाँ उनके बने रहने की संभावना ज़्यादा होती है। पढ़ें, सेहत की संस्कृति लोगों को नौकरी छोड़ने से क्यों रोकती है।
समय के साथ बेहतर प्रतिफल। Health Affairs में प्रकाशित Harvard के एक मेटा-विश्लेषण (Baicker और अन्य, 2010) ने अनुमान लगाया कि वेलनेस प्रोग्राम पर खर्च किए गए हर डॉलर के बदले चिकित्सा खर्च लगभग $3.27 और अनुपस्थिति से जुड़ा खर्च लगभग $2.73 कम होता है। बाद के अध्ययनों में अल्पकालिक असर कम पाया गया, और यही वजह है कि संस्कृति मायने रखती है: स्थायी नतीजे नियमित आदतों से आते हैं, एक बार चलाए गए अभियानों से नहीं। वेलनेस के ROI पर हमारी निष्पक्ष गाइड देखें।
सेहत की संस्कृति बनाने के 8 कदम
1. लीडरों से पहल करवाएँ
लीडरबोर्ड पर मौजूद CEO या टहलते हुए मीटिंग करने वाले मैनेजर से बेहतर कोई यह संदेश नहीं देता कि "यहाँ सेहत मायने रखती है"। लीडरों से कहें कि वे चैलेंज में शामिल हों, अपनी प्रगति साझा करें और टीम मीटिंग में वेलनेस पर बात करें।
2. कर्मचारियों से उनकी ज़रूरतें पूछें
अंदाज़ा लगाने से बेहतर है एक छोटा सर्वे। पूछें कि लोग किस चीज़ में सुधार चाहते हैं – शारीरिक गतिविधि, नींद, तनाव या आपसी जुड़ाव – और वे किस तरह की गतिविधियों में हिस्सा लेना चाहेंगे। देखें, कर्मचारियों के फ़ीडबैक से अपना वेलनेस कैलेंडर कैसे तैयार करें।
3. वेलनेस चैंपियन चुनें
हर टीम या स्थान के स्वयंसेवक जानकारी फैलाते हैं, सवालों के जवाब देते हैं और उत्साह बनाए रखते हैं। पढ़ें, वेलनेस कमेटी की भागीदारी कैसे बढ़ाएँ।
4. कामकाजी दिन में वेलनेस को शामिल करें
संस्कृति रोज़मर्रा की आदतों में बसती है: टहलते हुए मीटिंग करना, लंच ब्रेक में मीटिंग न रखना, खड़े होकर काम करने वाली डेस्क और स्क्रीन से थोड़ी देर दूर जाने की छूट। हर दिन दोहराए जाने वाले छोटे बदलाव साल में एक बार होने वाले बड़े आयोजन से ज़्यादा मायने रखते हैं।
5. नियमित चैलेंज चलाएँ, सबको शामिल करें
चैलेंज सभी को सक्रिय रहने और एक-दूसरे से जुड़ने का साझा मकसद देते हैं। एक अभियान के बजाय पूरे साल के लिए नियमित गतिविधियों की योजना बनाएँ – जानें, सालाना वेलनेस प्लान एक बार के चैलेंज से बेहतर क्यों है। सुनिश्चित करें कि गतिविधियाँ सभी के लिए उपयुक्त हों, उन कर्मचारियों के लिए भी जो प्रतिस्पर्धा पसंद नहीं करते।
6. तन और मन, दोनों का ध्यान रखें
सेहत की संस्कृति सिर्फ़ फ़िटनेस तक सीमित नहीं है। शारीरिक गतिविधि वाले चैलेंज के बीच नींद का चैलेंज, माइंडफ़ुलनेस चैलेंज या योग चैलेंज भी रखें। देखें, समग्र वेलनेस कैसी होती है।
7. सराहें और साझा करें
नतीजे, अनुभव और तस्वीरें साझा करें। सिर्फ़ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों की नहीं, बल्कि नियमित भागीदारी और कोशिश की भी सराहना करें। नियमित रूप से और सबके सामने की गई सराहना दिखाती है कि वेलनेस कंपनी का हिस्सा है – देखें, वेलनेस के कौन-से प्रोत्साहन असरदार होते हैं।
8. मापें और बदलाव करें
भागीदारी, अलग-अलग चैलेंज में लोगों के जुड़े रहने और कर्मचारियों के फ़ीडबैक पर नज़र रखें, फिर हर तिमाही योजना में बदलाव करें। शुरुआत के लिए हमारी 17 वेलनेस KPI की सूची उपयोगी है।
इन आम गलतियों से बचें
- वेलनेस को एक बार का अभियान मानना – आगे गतिविधियाँ जारी न रहें तो उत्साह कम हो जाता है।
- सिर्फ़ सबसे फ़िट लोगों के लिए योजना बनाना – अगर हर बार वही कुछ लोग जीतें, तो बाकी हिस्सा लेना छोड़ देते हैं।
- इसे जटिल बनाना – गतिविधियाँ खुद दर्ज करना और लंबे नियम भागीदारी घटा देते हैं।
- लीडरों का हिस्सा न लेना – अगर मैनेजर शामिल नहीं होंगे, तो कर्मचारी भी नहीं होंगे।
और गलतियों के बारे में पढ़ें: वेलनेस चैलेंज की योजना बनाते समय बचने वाली 10 आम गलतियाँ।
YuMuuv सेहत की संस्कृति बनाने में कैसे मदद करता है
YuMuuv एक वेलनेस चैलेंज ऐप है, जिसका इस्तेमाल 1,300 से ज़्यादा कंपनियाँ करती हैं। यह संस्कृति को रोज़मर्रा के व्यवहार में बदलने में आपकी मदद करता है:
- कई तरह के चैलेंज – कदम, दूरी, साइकिल चलाना, दौड़ना, नींद, माइंडफ़ुलनेस, योग और भी बहुत कुछ। YuMuuv चैलेंज की पूरी सूची देखें।
- अपने-आप ट्रैकिंग – गतिविधियाँ Apple Health, Health Connect और Garmin से सिंक होती हैं।
- टीमें, लीडरबोर्ड और चैट – दोस्ताना प्रतिस्पर्धा और एक-दूसरे का सहयोग, सब एक ही जगह।
- चलाना आसान – G2 पर अपनी श्रेणी में इस्तेमाल में सबसे आसान और सबसे ऊँची रेटिंग वाला ऐप। जानें, HR के लिए इसके क्या मायने हैं।
ज़्यादा जानकारी के लिए कर्मचारी वेलनेस प्रोग्राम की पूरी गाइड और कार्यस्थल पर फ़िटनेस की संस्कृति कैसे बनाएँ पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. सेहत की संस्कृति क्या है?
ऐसा कार्यस्थल जहाँ सेहतमंद आदतों को सिर्फ़ औपचारिक वेलनेस प्रोग्राम से नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के तौर-तरीकों, नेतृत्व और नियमित सामूहिक गतिविधियों से बढ़ावा मिलता है।
2. सेहत की संस्कृति बनाने में कितना समय लगता है?
हफ़्ते नहीं, कई महीने लगने की उम्मीद रखें। एक चैलेंज से शुरुआत करें, नियमितता बनाए रखें और फ़ीडबैक के आधार पर बदलाव करें। नतीजों का आकलन करने से पहले कम-से-कम एक साल तक नियमित गतिविधियाँ चलाने की योजना बनाएँ।
3. कार्यस्थल पर वेलनेस की ज़िम्मेदारी किसकी होनी चाहिए?
आमतौर पर HR इसका समन्वय करता है, लेकिन संस्कृति बनाने के लिए ऐसे लीडर चाहिए जो खुद हिस्सा लें, और हर टीम में वेलनेस चैंपियन होने चाहिए।
4. शुरुआत कैसे करें?
डेमो बुक करें और हम आपके पहले चैलेंज और पूरे साल नियमित गतिविधियों की योजना बनाने में मदद करेंगे।