क्या वेलनेस चैलेंज असरदार हैं? कर्मचारी जुड़ाव के पीछे का विज्ञान
वेलनेस चैलेंज हर जगह हैं – लेकिन क्या वेलनेस चैलेंज असरदार हैं, या ये बस मन बहलाने का एक मज़ेदार तरीका हैं? शोध का जवाब साफ़ है: व्यवहार बदलने के कुछ सिद्ध सिद्धांतों पर आधारित चैलेंज गतिविधि और जुड़ाव बढ़ाते हैं। जो चैलेंज इन्हें नज़रअंदाज़ करते हैं, उनका असर जल्दी कम हो जाता है। आइए जानें कि विज्ञान क्या कहता है और इसे कैसे अपनाया जा सकता है।
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सीधा जवाब
चिकित्सा खर्चों पर कार्यस्थल के बड़े वेलनेस कार्यक्रमों के असर को लेकर मिले-जुले प्रमाण हैं (इस पर हमने वेलनेस का ROI कैसे मापें में खुलकर बात की है)। लेकिन अच्छी तरह तैयार किए गए शारीरिक गतिविधि चैलेंज के पक्ष में प्रमाण कहीं अधिक मज़बूत हैं: ट्रैकिंग, लक्ष्य और सामाजिक सुविधाएँ लगातार लोगों को ज़्यादा सक्रिय रहने में मदद करती हैं। असली फ़र्क चैलेंज की बनावट से पड़ता है।
असरदार वेलनेस चैलेंज के 5 वैज्ञानिक आधार
1. ट्रैकर से अपनी गतिविधि पर नज़र
अपने आँकड़े देखने से व्यवहार बदलता है। JAMA में प्रकाशित एक समीक्षा में पाया गया कि पेडोमीटर इस्तेमाल करने वालों की शारीरिक गतिविधि लगभग 27% बढ़ी, यानी रोज़ाना करीब 2,000 कदम। इसके बाद The Lancet Digital Health में प्रकाशित कई समीक्षाओं की एक समग्र समीक्षा में पाया गया कि एक्टिविटी ट्रैकर इस्तेमाल करने से लोग रोज़ाना लगभग 1,800 कदम ज़्यादा चलते हैं। फ़िटनेस ट्रैकर के फ़ायदों के बारे में और पढ़ें।
2. स्पष्ट लक्ष्य
उसी JAMA समीक्षा में पाया गया कि कदमों का लक्ष्य होना गतिविधि बढ़ने के सबसे अहम कारणों में से एक था। स्पष्ट और हासिल किए जा सकने वाले लक्ष्य – जैसे रोज़ाना कदमों का लक्ष्य या तय संख्या में दिनों पर लक्ष्य पूरा करना – अच्छे इरादों को अमल में बदलते हैं।
3. आपसी जुड़ाव और दोस्ताना प्रतिस्पर्धा
साथ होने पर लोग ज़्यादा सक्रिय रहते हैं। Penn Medicine के STEP UP परीक्षण में Deloitte के लगभग 600 कर्मचारियों ने अलग-अलग गेम डिज़ाइन के साथ पहनने वाले डिवाइस इस्तेमाल किए। नियंत्रण समूह की तुलना में, प्रतिस्पर्धा वाले समूह ने रोज़ाना लगभग 920, आपसी समर्थन वाले समूह ने 689 और सहयोग वाले समूह ने 637 कदम ज़्यादा चले। गेम खत्म होने के तीन महीने बाद भी प्रतिस्पर्धा वाला समूह नियंत्रण समूह से रोज़ाना लगभग 569 कदम ज़्यादा चल रहा था। चैलेंज का असर में और पढ़ें।
4. स्वायत्तता और चुनाव
लोग व्यायाम लंबे समय तक जारी रखते हैं जब वे इसे अपनी इच्छा से करते हैं, मजबूरी में नहीं। आत्म-निर्धारण सिद्धांत पर आधारित एक व्यवस्थित समीक्षा में पाया गया कि अपनी इच्छा से पैदा हुई इस तरह की प्रेरणा से लंबे समय तक व्यायाम जारी रखने की संभावना बढ़ती है। इसे अपनाने का तरीका: चैलेंज में भागीदारी स्वैच्छिक रखें और अलग-अलग प्रकार के चैलेंज दें, ताकि लोग अपनी पसंद के अनुसार चुन सकें।
5. समय और दोहराव
आदतें बनने में समय लगता है। University College London के एक अध्ययन में किसी नए व्यवहार को अपने-आप होने वाली आदत बनने में औसतन 66 दिन लगे। साल भर चलने वाले चैलेंज की शृंखला ऐसी आदतें बनाती है, जो एक महीने के अकेले आयोजन से नहीं बन सकतीं। जानें सालाना वेलनेस योजना एक बार के चैलेंज से बेहतर क्यों है।
इनामों की क्या भूमिका है?
इनाम पंजीकरण बढ़ा सकते हैं और चैलेंज का समापन मज़ेदार बना सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक लोगों को सक्रिय रखने में इनका नहीं, बल्कि आनंद, आपसी जुड़ाव और प्रगति के एहसास का योगदान होता है। इनामों का इस्तेमाल मेहनत और भागीदारी को सराहने के लिए करें, न कि व्यायाम करने के बदले भुगतान देने के लिए। व्यावहारिक सुझावों के लिए पढ़ें कर्मचारी वेलनेस प्रोत्साहन: क्या असर करता है और क्या उल्टा पड़ता है और पुरस्कारों के बारे में कर्मचारियों की राय।
YuMuuv विज्ञान को कैसे अपनाता है
- अपनी गतिविधि पर नज़र: Apple Health, Health Connect, Garmin, Fitbit, Polar और अन्य डिवाइस से गतिविधि अपने-आप सिंक होती है, और हर कोई रोज़ अपनी प्रगति देख सकता है।
- स्पष्ट लक्ष्य: कुल गतिविधि, नियमितता और सामूहिक लक्ष्य – देखें YuMuuv चैलेंज के प्रकारों की जानकारी।
- आपसी जुड़ाव: दोस्ताना प्रतिस्पर्धा और आपसी सहयोग के लिए टीमें, लीडरबोर्ड और चैलेंज चैट।
- चुनाव: कदम, दूरी, साइकिल चलाना, दौड़ना, नींद, माइंडफुलनेस, योग, कस्टम चैलेंज और भी बहुत कुछ – देखें पूरी सूची।
- दोहराव: 2026 वेलनेस चैलेंज कैलेंडर जैसे टेम्पलेट इस्तेमाल करके साल भर एक के बाद एक चैलेंज चलाएँ।
देखना चाहते हैं कि असल आँकड़ों में इसका असर कैसा दिखता है? पढ़ें लंबे समय तक जुड़ाव के बारे में हमारे आँकड़े क्या बताते हैं और YuMuuv वेलनेस बेंचमार्क।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या वेलनेस चैलेंज वाकई असरदार हैं?
हाँ, जब इनमें ट्रैकिंग, स्पष्ट लक्ष्य और आपसी जुड़ाव की सुविधाएँ साथ हों। परीक्षणों में रोज़ाना कदमों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है, और अच्छी तरह तैयार की गई प्रतिस्पर्धा का कुछ असर चैलेंज खत्म होने के बाद भी बना रह सकता है।
2. प्रतिस्पर्धा या सहयोग, क्या बेहतर है?
STEP UP परीक्षण में प्रतिस्पर्धा का असर सबसे ज़्यादा और सबसे लंबे समय तक रहा, लेकिन आपसी जुड़ाव पर आधारित सभी तरीकों ने मदद की। टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा और साझा लक्ष्यों का मेल सबसे ज़्यादा लोगों को जोड़ता है।
3. वेलनेस चैलेंज कितने समय का होना चाहिए?
हर चैलेंज के लिए चार से छह हफ़्ते का समय अच्छा रहता है। थोड़े समय के बदलावों को आदतों में बदलने के लिए इन्हें साल भर दोहराएँ।
4. मैं शुरुआत कैसे करूँ?
डेमो बुक करें और हम आपकी टीम के लिए विज्ञान पर आधारित चैलेंज तैयार करने में आपकी मदद करेंगे।